आंवला एक ऐसा फल है, जिसमें अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं. आंवला अनेक बीमारियों से दूर रखने में हमारी मदद करता है, यह हमें अनेक बीमारियों से बचाता है. आंवला को कच्चा भी खाया जाता है,
इसका अचार, मुरब्बा आदि भी बनाते हैं. आंवला का जूस भी हमारे लिए बहुत लाभकारी है.
हम कह सकते हैं कि आंवला हमारे लिए प्रकृति का एक बेहतरीन उपहार है. तो आइए जानते हैं कि
आंवले का किस-किस तरह से उपयोग किया जा सकता है. और आंवला के क्या-क्या लाभ हैं और
इसकी क्या-क्या हानियाँ हैं.
आंवले के चूर्ण का उबटन चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग धब्बे दूर होते हैं.
आंवला का नियमित सेवन करने से शरीर में विटामिन सी की कमी नहीं होती है, जिससे विटामिन सी की कमी से होने वाली परेशानियाँ हमें नहीं सताती है.
आंवले के नियमित सेवन से लीवर मजबूत होता है.
आंवला हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.
अगर आपको गर्मियों में चक्कर आते हों, तो आपको आंवले का शरबत पीना चाहिए.
आंवला के मुरब्बे का सुबह-सुबह सेवन करने से BP Control में रहता है.
आंवला का जूस पीने से खून साफ होता है.
Amla आंवला मोतियाबिंद में भी लाभकारी होता है.
आंवला को पकाने के बाद भी इसके गुण कम नहीं होते हैं.
आंवले को स्वरस या चूर्ण के रूप में पूरे साल उपयोग किया जा सकता है.
आंवला हमारी त्वचा के लिए बहुत लाभकारी है.
Amla आंवला हमारे बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है.
आंवला खाने से सर्दी, जुकाम, खाँसी आदि से बचा जा सकता है.
अगर आप अपने दिल को स्वस्थ्य रखना चाहते हैं, तो हर दिन आंवले का सेवन करना शुरू कर दें.
आंवला खाने से कब्ज दूर होता है.
आंवला भोजन को पचाने में मदद करता है.
आंवले के ताजे रस में थोड़ा चीनी मिलाकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती है.
अगर नाक से खून निकल रहा हो, तो ताजे आंवले का रस कुछ बूंद नाक में डालने से नाक से खून निकलना बंद हो जाता है.
अगर आपके नाक से नियमित खून निकलता हो, तो आपको हर दिन आंवले का जूस / स्वरस पीना शुरू कर देना चाहिए.
नियमित आंवला खाने वाले लोग जल्दी बूढ़े नहीं होते हैं.
हल्दी के चूर्ण के साथ आंवले का सेवन करना सुगर के रोगियों के लिए अच्छा है.
आंवला को सूखा लें, फिर उसका बारीक़ चूर्ण बना लें. अब इस चूर्ण को हर दिन गाय के दूध के साथ सुबह-शाम लें… यह बवासीर में आपको फायदा पहुँचायेगा.
खाँसी होने पर आंवला के मुरब्बे को दिन में तीन बार गाय के दूध के साथ लें, इससे आपको लाभ पहुंचेगा.
आंवला के चूर्ण को मूली के रस के साथ लगभग 40 दिन तक लेने से पथरी में फायदा पहुँचता है.
अगर आपको एसिडिटी की समस्या है, तो 1 gram आंवला पाउडर और थोड़ी सी चीनी को दूध के साथ मिलाकर पिएँ.
हर दिन आंवला का मुरब्बा खाने से दिमाग तेज बनता है.
आंवला के पाउडर को शरीर में लगाने वाले किसी भी तेल में मिलाकर लगाने से खुजली की समस्या से मुक्ति मिलती है.
3 Gram आंवला पाउडर और 6 Gram शहद को 1 माह तक खाने से महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज ( श्वेत प्रदर ) की समस्या दूर होती है.
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